Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
REPORT BY:ARUN MISHRA
सोमवार को तय होगा किसका कितना सेटबैक... लखनऊ से आ रहे प्लानिंग हेड
12 Apr 2026, 10:54 PM Uttar Pradesh - Meerut
Reporter : Arun Mishra
Meerut

आवास एवं विकास परिषद मेरठ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भूखंड आवंटियों को सेटबैक खाली करने के नोटिस जारी करेगा। लखनऊ से प्लानिंग हेड संजीव कश्यप मेरठ आकर भूखंडों की आवंटन शर्तों का निर्धारण करेंगे।

 मेरठ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों को भूखंडों के आवंटियों को सेटबैक के स्थान को खाली करने के लिए नोटिस देना है। उन्होंने सोमवार को ये नोटिस जारी करने की तैयारी की है। नोटिसों के साथ प्रत्येक भवन का मानचित्र भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें सेटबैक के लिए निर्धारित स्थान को चिह्नित किया जाएगा। उस हिस्से पर हुए निर्माण को आवंटी को तोड़ना होगा। किस भूखंड का कितना सेटबैक है?

इसका निर्धारण करने के लिए परिषद के प्रदेश के प्लानिंग टीम के हेड चीफ आर्किटेक्ट टाउन प्लानर (सीएटी) संजीव कश्यप सोमवार को मेरठ आएंगे। उनकी मौजूदगी में भूखंडों की आवंटन पत्रावलियां निकालकर आवंटन शर्तों के आधार पर निर्णय लेकर नोटिस तैयार कराए जाएंगे।

आवास एवं विकास परिषद मेरठ के उप आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नई भवन निर्माण उपविधि में तो भूखंडों के क्षेत्रफल और सड़क की चौड़ाई के मुताबिक सेटबैक का क्षेत्रफल निर्धारित है, लेकिन शास्त्रीनगर आवासीय योजना में भूखंडों का आवंटन वर्ष 1986 और उसके आसपास हुआ।

स समय भूखंडों के क्षेत्रफल के मुताबिक सेटबैक का क्या नियम था उसकी जानकारी करके ही नोटिस तैयार किए जाएंगे। ईडब्ल्यूएस भूखंडों के आवंटन में क्या छूट दी गई थी इसकी जानकारी भी आवंटन पत्रावली से मिल जाएगी। इसके लिए लखनऊ कार्यालय से प्लानिंग टीम के हेड संजीव कश्यप को बुलाया गया है। अवैध निर्माण की सूची में शामिल सभी 859 निर्माण को यह नोटिस दिए जाएंगे। इनमें वे 44 निर्माण भी शामिल हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो दिन पहले ही सील किया गया है।


सेटबैक छोड़ देंगे तभी भी रहेंगे आवास, नई नीति पर कोर्ट के आदेश से करेंगे काम

उप आयुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आवासीय भूखंडों के व्यवसायिक उपयोग को लेकर चल रही थी। अब सभी भवनों में अनाधिकृत निर्माण का मुद्दा भी जुड़ गया है। अंतिम सुनवाई में कोर्ट ने सभी चिह्नित 859 निर्माण में हुए अवैध निर्माण को हटाने तथा सेटबैक के स्थान को खाली कराने का आदेश दिया है।

इस आदेश के तहत यदि किसी भवन में सेटबैक का स्थान खाली भी कर दिया जाता है तो भी उसे आवासीय गतिविधियों की ही अनुमति होगी। दुकान चलाने की नहीं। नई नीति के तहत जो भू उपयोग परिवर्तन की अनुमति की सुविधा दी गई है उसका पालन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस नई नीति का अध्ययन करने के बाद दिए जाने वाले निर्णय पर निर्धारित होगा। नई नीति के तहत तो आवासीय भूखंड में प्ले स्कूल चलाने की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है।


70 करोड़ नहीं मात्र जमा हुए केवल साढ़े पंद्रह करोड़

उप आयुक्त ने बताया कि व्यापारियों द्वारा भू उपयोग परिवर्तन के लिए 70 करोड़ रुपया जमा किए जाने का दावा गलत है। कुल 80 व्यापारियों ने इसके लिए आवेदन किया था। जिनपर 53.44 करोड़ रुपया का शुल्क निर्धारित किया गया था। इनमें से 29 आवेदकों ने अभी तक 15.50 करोड़ रुपये जमा कराये हैं। इस राशि को वापस लेने के लिए व्यापारी केवल प्रार्थनापत्र देंगे। जिसका सत्यापन कराकर उनकी जमा राशि को तत्काल वापस कर दिया जाएगा।

तीन स्थानों पर 4500 मीटर जमीन में शापिंग प्लाजा बनाने की तैयारी

प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए आवास एवं विकास परिषद प्रयास कर रहा है। उप आयुक्त ने बताया कि परिषद के पास सेक्टर सात में सेंट्रल मार्केट के पास ही पुराने सामुदायिक भवन की 3300 मीटर जमीन है। सेक्टर 06 में 1200 मीटर क्षेत्रफल के दो भूखंड हैं। इन तीनों पर शांपिंग कांप्लेक्स निर्माण की ड्राइंग तैयार कराई जा रही है। यह बहुमंजिला होंगे। इनमें प्रभावित व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानों का आवंटन किया जाएगा।

नगर निगम करेगा अवैध निर्माण का सर्वे

उप आयुक्त ने बताया कि हाल ही में 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की दूसरी खंडपीठ ने पूरे देश में अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए सभी शहरों में नगर निगमों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट कार्रवाई का आदेश देगा। तमिलनाडू के एक मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उक्त आदेश सुनाया है।

...नियम पता नहीं तो सर्वे किस आधार पर कर लिया

शनिवार को सेक्टर दो में धरने के दौरान आवंटियों ने दावा किया कि उन्हें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के भूखंड का आवंटन इस शर्त के साथ हुआ था कि वे यहां आवास के साथ साथ 56 प्रकार की रोजगार गतिविधियां भी कर सकते हैं। इसके बावजूद उनके निर्माण को व्यवसायिक श्रेणी में शामिल करके ध्वस्तीकरण की सूची में डाल दिया गया है।

आवास विकास के अधिकारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इन भूखंड की आवंटन की शर्तों तथा दी गई छूट की जानकारी नहीं है। सोमवार को आवंटन पत्रावलियां निकालकर इन्हें देखा जाएगा। अब प्रभावित लोगों का सवाल यह है कि जब अधिकारियों को आवंटन की शर्तों की ही जानकारी नहीं थी तो उन्होंने किस आधार पर इन निर्माण को अवैध निर्माण की सूची में शामिल कर दिया।


ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement
Ad
Open

Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
आलिया भट्ट की होस्टिंग पर विवाद, मिनी माथुर के बयान ने बढ़ाया बवाल, क्रिएटर की आलोचना पर सोशल मीडिया में बहस तेज
April 21, 2026
thumb
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत सहित 5 देशों की रिफाइनरियों में आग, साजिश या हादसा बना वैश्विक चिंता का विषय
April 21, 2026
thumb
सीजफायर के बाद ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, अगले 24 घंटे तय करेंगे युद्ध या कूटनीति की दिशा पूरी दुनिया में
April 21, 2026
thumb
अभिषेक बच्चन ने ससुराल रिश्तों पर खोला राज, ऐश्वर्या के परिवार के साथ बॉन्डिंग और शादी के बाद की जिंदगी पर किया खुलासा
April 21, 2026
thumb
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सख्त नियम लागू, रात में दोपहिया बैन और दिन में सवारी प्रतिबंध से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
April 21, 2026
thumb
नागपुर मेट्रो में युवाओं का अनोखा फिटनेस अंदाज वायरल, चलती ट्रेन में दंड-बैठक कर दिया हेल्दी लाइफस्टाइल का संदेश
April 21, 2026
thumb
नेपाल सरकार के नए कस्टम नियम से भारत-नेपाल सीमा पर तनाव, व्यापार और सामाजिक रिश्तों पर असर, बालेन शाह की पार्टी ने जताया विरोध
April 21, 2026
thumb
मध्यप्रदेश में विधायक प्रीतम लोधी और पुलिस अधिकारी विवाद पर आईपीएस एसोसिएशन का कड़ा रुख, प्रशासनिक संतुलन पर उठे सवाल
April 21, 2026
thumb
चेन्नई में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान से मचा सियासी बवाल, पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद दी सफाई
April 21, 2026
thumb
गुजरात ATS ने ISIS प्रेरित दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर नाकाम की बड़ी आतंकी साजिश, देशभर में अलर्ट
April 21, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement Open